Maa Shayari - डांट कर बच्चों को खुद अकेले में रोती है वो मां है साहब



Dant kar baccho ko,
khud akele me roti hai,
vo ma hai saheb,
jo aise hi hoti hai.




Maa Shayari



डांट कर बच्चों को खुद
अकेले में रोती है वो मां है साहब
जो ऐसी ही होती है।



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